सक्रांत की राम-राम जी

Desi greetings from the heart of Haryana.

राम-राम सारे ने

"रे भाई, सक्रांत आ गी! तन्ने अर थारे पूरे परिवार ने सक्रांत की घणी-घणी बधाई। राम-राम जी!"

Copy

"सूरज देवता का आशीर्वाद बना रहवे, घर में सुख-शांति बनी रहवे। सक्रांत की बधाई हो भाई!"

Copy

"जाड्ड़ा गया, धूप खिल गी। सक्रांत के त्यौहार पे खुशियां मिल गी। राम-राम सा!"

Copy

खाना-पीना

"बाजरे की रोटी, लस्सी का गिलास। सूरज की किरणें, खुशियों की आस। मुबारक हो तन्ने सक्रांत का त्यौहार!"

Copy

"चूरमा खा ले भाई, आज सक्रांत सै। घी-बूरा दबा के खाइयो, यो ए म्हारी बात सै।"

Copy

"तिल-कुटा कूट लिया के? ना कूटा हो तो बता दियो, हम भेज देंगे। सक्रांत की बधाई!"

Copy
Festival Food

मौज-मस्ती

"तन में मस्ती, मन में उमंग। देकर सबको अपनापन, आज उड़ावांगे पतंग। हैप्पी सक्रांत!"

Copy

"छोरे, पतंग लूटण चाल्या के? आज तो सक्रांत है, जी भर के मौज ले।"

Copy
Bonfire

बड्ड्या का आशीर्वाद

"जुग-जुग जियो लाडले। भगवान तन्ने और थारे काम-धंधे ने तरक्की दे। सक्रांत मुबारक!"

Copy

"दुःख-दर्द सब भूल जा, इस सक्रांत पै न्ये काम शुरू कर। बाबा की दया रहवेगी।"

Copy

"राजी रह, सुखी रह। गाम-गवांड में भाईचारा बना रहवे। सक्रांत की घणी-घणी बधाई।"

Copy
कॉपी हो गया भाई! (Copied!)